Jan 19, 2014

देश के गंजेपन का जिम्मेदार कौन ?


अगर कोई नेता गंजो को कंघी बेचने को , बेचने वाले की कला या षड्यंत्र कहता है तो मैं  गंजो की तरफ से यह बात पूछना चाहता हूँ की इतने सारे लोगों को गंजा आखिर किया किसने | आखिर इतनी सारे लोग गंजे हुवे कैसे ? गंजापन अगर शारीरिक दुर्बलता या किन्ही चीजो की कमी की वजह से होता है तो इन कमियों के लिए जिम्मेदार कौन है ?

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गंजेपन से तात्पर्य अगर आशाहीनता से है तो मैं कहूँगा की कंघी बेचनेवाला उन गंजो को कंघी के रूप में भविष्य के सपने बेच रहा  होगा , हो सकता है की उसकी कंघी में कोई ऐसा तेल लगा हो जो गिर चुके बालो जैसी उम्मीदों को फिर से उगा देने में सहायक हो  , यह भी हो सकता हो की कंघी के दांतों की मालिश से टकले सिर पर कोई उम्मीद फिर जगे जिससे फिर से बालों को उगाया जा सके और कंघी काम आ जाये |

पर सवाल फिर वही है , जिस गंजे पन  या गंजे लोगो के बौधिक  स्तर की मजाक उड़ाई गयी उसका जिम्मेदार कौन है ? किसकी वजह से देश के बाल उड़ गए ? क्यों यह टकला देश शर्मिंदा है ?  आजादी के इतने सालों के बाद भी क्यों आज भी सड़के नहीं बन पाई हैं , क्यों सिर्फ छे या सात हजार किलोमीटर रेलवे लाइन डाली गयी हैं ? याद रखीय की लगभग चालीस हज़ार किलोमीटर रेलवे ट्रेक आजादी से पहेले डाला जा चुका था  | किसने देश पर राज किया है पिछले लगभग साठ सालो से ज्यादा  ? किसके  करप्शन से देश आज गंजेपन का शिकार है ? क्यूँ हर गाँव सड़क से नहीं जुड़ा है ? क्यों सरकारी स्कूल इस हालत में है की हमे निजी स्कूल में एडमिशन लेने के लिए लाखो रूपए रिश्वत देने पड़े ? और फिर वो बच्चा एक दिन टकला हो कर इस तरह का ब्लॉग लिख और कोई दूसरा बेचारा टकला पढ़ कर अपना टाइम ख़राब करे |

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Jan 18, 2014

आपके राजकीय स्टिंग विभाग के गठन का रास्ता साफ


नए मुख्यमंत्री केशरीवाल ने आप की कार्यकारिणी के उस फैसले पर अपनी सहमति कि मुहर लगा दी है जिससे नए " राजकीय स्टिंग विभाग " के  गठन का रास्ता साफ हो गया है ! नए विभाग के मंत्री के नाम के लिए घोषणा शीग्र ही कर दी जायेगी , नामो कि सूची  तो तैयार है बस जनमत संग्रह बाकि है , सूत्रों के माध्यम से खबर है कि विश्व विख्यात गोआ के स्टिंग कलाकार "ठरुण वेजपाल" इस पद के लिए बाकियों से आगे हैं । हालाँकि वो अभी किसी कार्य हेतु स्वयं घोषित अवकाश के लिए गोवा में है जिससे उनसे संपर्क नहीं हो पाया है । पेशे से समाजसेवी वेजपाल को विडियो और ऑडियो कि एडिटिंग में महारत है और उसे देख कर उसकी वैधता सिद्ध करने में कुशल हैं  जिनकी तरूणाई से लाभान्वित कौन नहीं होना चाहेगा !

विभाग कैसे पूरा काम करेगा और लोग इसका लाभ कैसे उठा पाएंगे इसकी चर्चा अगले हफ्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स के जरिये सार्वजानिक कि जायेगी । हालांकि इस ख़ुफ़िया चर्चा का एक स्टिंग विडियो पहले ही बाहर आ चुका है , सूत्रों की माने तो यह  विभाग विजिलियांस  विभाग के भी उपर काम करेगा  । मुख्यमन्त्री जी हर स्तर पर स्टिंग होता देखना चाहते हैं , जिसके बहु आयामी फायदे वे गिनाते नहीं थक रहे हैं ! इसकी पराकाष्ठा की कल्पना करते हुए वे कहते हैं की कितना अभूतपूर्व होगा जब हर कोई आम व्यक्ति स्टिंग कर रहा होगा , हमारे पास करोड़ों अरबो खरबों टेरा बायट्स डाटा होगा , जिसे क्लाउड कम्प्यूटिंग के जरिए अपलोड किया जायेगा , जिसे विभाग के लोग जांचेंगे परखेगे , जिससे रोज़गार बढेगा , ख़ुफ़िया कैमरों की बिक्री बढ़ेगी , विडियो ऑडियो एडिटिंग के हुनरमंद , सॉफ्टवेयर के लोगो को नए अवसर मिलेंगे  !

यह भी हो सकता है की हमे स्कूल , कालेजो से ही इसका प्रक्षिक्षण देना शरू करना पड़े ! हो सकता है की इंजीनियरिंग , वाणिज्य , कला , विज्ञानं और राजनीती के  छात्रों को पहले साल पढाया जाने वाला यह एक अनिवार्य विषय बन जाये , इसके लाभों को गिनाते अविश्वास आगे बोलते हैं की पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों से आगे बढ़ कर क्यों न इसे जन जन से जोड़ा जाये , परिवार के लोग एक  दुसरे के स्टिंग करे और इस कला में पारंगत बने यह तो कविता चुराने जितना कठिन कार्य नहीं लगता ! यह तो  आत्म रक्षा का साधन है जिससे किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए |

इसके विपरीत चुनाव विश्लेषक टर्नड पोलिटीशियन भोगेन्द्र रादव इसके दुश्परिणाम पर भी  नज़र डालते हैं , क्या हो अगर दोनों पार्टियाँ एक दुसरे का स्टिंग कर रही हों , क्या हो अगर पहली पार्टी ने कैमरा  डिटेक्टर यंत्र लगाया हो और वो दूसरी स्टिंग इच्छुक पार्टी को स्टिंग शुरू होने से पहले ही बेनकाब कर दे और पुलिस के हवाले कर दे की पार्टी उसको फसाने के लिए आई थी !

बहराल हमे अगले हफ्ते का इन्तजार है और आपके जवाबो का !          

image courtesy:  jantoo.com 


disclaimer : above is written only for entertainment purpose , no intentions to hurt people or their sentiments, any resemblance  with names and places is just coincidence.

दिवाली: घर की सफ़ाई की परंपरा कैसे महिलाओं की मुसीबत बढ़ाती रही है

 बीबीसी की रिपोर्ट के बाद पहला उधारण आया ब्रिटेन से ..