Nov 22, 2014

Scientists hail Baba Rampal’s bathing milk for Remedies and strength

Nov/22/2014: As the news broke about, devotees bathed Rampal in milk, then used it to make kheer for followers, many research institutes across the world are interested in analyzing baba’s healing properties. 

Also in news that, a few followers from Khurja, who managed to have smuggled some quantity of kheer outside the SetLook Ashram are now selling it on premium prices to other followers and now to these reputable research institutes too.

150 gm pack - 5000 $
Researchers at the RainBuxy labs Hissar and Bail Labs in Jhajjar are teaming up to study the magical qualities of baba Rampal’s skin oils (sebum), body hair,  fluids and other filth found mixed in Kheer. 

Initial DNA analysis of Kheer is by Dr Salunke, has amazed the whole science community, it is a miracle, this kheer has everything humanity is looking for, the 'GOD particle'.  

Earlier this morning a sophisticated centrifugal separation was done to extract baba Rampal’s fluids from kheer at CERN.

These proteins found in baba’s fluids are ten million times more effective than regular ones,it can cure every human disorder found in blind followers. The researchers tested the “Kheer” on 14787 healthy volunteers who were asked to consume just .0001 ml of Kheer found the results were unbelievable.

At the time of writing this article Rampal ji is taken to a high secretive place, so further researches can be conducted on his magical sebaceous glands. The recent police operation was just a high profile plot to safeguard baba Rampal from everyone.

Jun 10, 2014

बिजली संकट : चर्बी से बिजली बनाने का दावा

भीषण गर्मी के मौसम में बिजली की किल्लत झेल रहे देश और दिल्ली के लिए एक अच्छी खबर है
एक नयी रिसर्च से अब घर बैठे ही सस्ती बिजली निर्माण का सपना साकार हो सकेगा , जिससे सरकार पर बिजली निर्भरता अगले दस सालों में काफी कम हो जाएगी | यह संभव हो पाया है मेरठ निवासी युवा साइंटिस्ट निकोला सिंह टेस्ला , स्वास्थ, खेल, श्रम , बिजली और वैकल्पिक उर्जा मंत्रालय के मिलेजुले प्रयासों फलस्वरूप | इसी लेख में आप आगे पढ़ेंगे की यह होगा कैसे - लेकिन सबसे पहले जानिए देश में बिजली के बढते उपभोग के प्रमुख कारण :- जीवन मे ज्यादा मशीनो का उपभोग, सस्ती वाशिंग मशीन , फ्रिज , प्रैस , कूलर , हीटर , एसी, दिनरात टेलीविजन पर सीरियल्स देखना , लिफ्ट का प्रयोग करना , फेस्बुक , लैपटॉप , मोबाइल जो सभी बिजली से चलते हैं मजे की बात यह है की यही सब कारण भी इंसानी मोटापा बढने के हैं इन सभी कारणों से हेल्दी साइज़ के लोगो की आज भरमार हैं |

पहले लोग मीलो मार्निंग वाक या साईकिल चलाया करते थे वहीँ आज वो अपने मुहल्ले के पार्क तक बाईक और कार से जाते हैं ! जो मताए बहने भाई कभी घर का झाड़ू पोछा ,साफ़ सफाई , खाना बनाना , कपडे धोना , इत्यादि खुद ही किया करती थी वहीँ आज वाशिंग मशीन और वक्युम क्लीनर इस्तेमाल करने के लिए भी मेड होती हैं | जो भाई लोग कभी कबार छिप-छिपा कर घर का काम किया कर लिया करते थे वो आज इन्टरनेट ,फेसबुक, ट्विटर पर खुल कर टाइम ख़राब करते हैं | तीन मंजिला मकानों में बिना लिफ्ट के जीना किसी शर्म से कम नहीं |

अब जानिए की आखिर ये रिसर्च हैं क्या ?
पहले  काफी मोटा था यह युवक  

MIT ( मुरैना इंस्टिट्यूट आफ टेकनोलोजी ) के निकोला सिंह टेस्ला और सरकार की एक संयुक्त शोधकर्ता टीम ने पाया की मोटे और निहायती आलसी इक्कीसवी सदी के असली उर्जा स्रोत होंगे ! इसका विचार इस युवा को उस समय किल्क हुआ जब उसने अपने मोहल्ले के ज़िम में एक मोटे [हेल्दी साइज़ ] व्यक्ति को ट्रेड मिल पर चलते हुवे देखा , अचानक बत्ती गुल हो जाने पर वो बिजली चालित ट्रेड मिल की बेल्ट रुक गयी और मोटा सोना बेल्ट पहने चलता व्यक्ति गिल्ट से भरा यूँ ही रुक गया , बस यही क्षण इस युवा वैज्ञानिक के यूरेका पल थे ! आँखों ही आँखों में युवा वैज्ञानिक ने मोटे व्यक्ति को धन्यवाद किया वहां से सीधे मुरैना की बस पकड़ कर निकल लिया और वहां जाकर अपना पेपर प्रस्तुत किया !


सबसे ज्यादा मजे की बात यह है की इसके रिसर्च के बाद मोटापा अब अभिशाप नहीं रहेगा ! यहाँ यह जानना जरुरी है की पिछली जनगणना के मुताबिक देश में मुख्यता शहरों में मोटे ( हेल्दी साइज़ ) लोगो की संख्या में लगातार वृद्धी हुई है और इसके आगे भी यूँ ही बढने के आसार हैं |

वैज्ञानिको ने लगभग पांच हजार लोगो में शोध किया और पाया गया कि लोगो में टनों चर्बी जमी है जो उर्जा का ही एक ठोस रूप है ,जिसको शोधित परिवर्तित कर मेकेनिक्ल और फिर विद्युत उर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है ! उन्होने prototype के लिए ट्रेड मिल और ज़िम की स्थिर साईकिल (stationary cycles) को चुना , इन पर थोड़े बदलाव के बाद मोटर की जगह डायनामो(dyNamo) लगा दिए गए ,अब चलाये जाने पर इनसे विद्युत उत्पादन निश्चित ही संभव था ! अनुमान से अधिक उत्पादन होने पर शोधकर्ताओं में उल्लास था , आनन् फानन में सरकार ने सभी निजी और सरकारी शहरी स्पोर्ट्स कोम्प्लेक्सेस , जिमो में इसी तरेह के बदलावों की मंजूरी दे दी है | सिर्फ बडे शहरों के मोटे लोगो से सरकार हजारो मेगा वाट बिजली उत्पादन का अनुमान लगा रही है ! मोटे लोगो द्वारा ट्रेड मिल , साइकिलिंग और जम्पिंग से बिजली उत्पादन को मानवाधिकार आयोग की हरी झंडी मिलना लगभग तय है | स्वास्थ्य और श्रम विभाग पहले ही उत्साहित हैं ! जहाँ आज चारो तरफ परमाणु सयंत्रो(Nuclear plants) का घोर विरोध हो रहा है इस प्रकार के छोटे Fatty(चर्बी) उर्जा संयंत्र इस दिशा में काफी किफायती साबित होंगे ऐसा मानना है सबका |

सरकार संसद के उमसकालीन सत्र में इसी सम्बंधित एक बिल पर विचार कर रही है जिसमे इस प्रकार उत्पादित बिजली के दाम , जिमो को उपकरणों की खरीद फरोख्त में सब्सिडी , प्रति यूनिट बिजली उत्पादन में मोटे लोगो की कमीशन , पतले हो जाने के बाद राष्ट्र सेवा मेडल , मोटे आलसी स्वयंसेवक छात्रों को स्कालरशिप , मोटे सरकारी बाबुओं और मोटी तोंद वाले पुलिस वालो को पतला होने पर प्रोमोशन गारंटी , जातिय आरक्षण व् अन्य लाभ ! अगर आप भी काफी खा-पी कर मोटे और बेहद आलसी हो चुके हो और इस आत्म ग्लानी में जी रहे हो कि आपका ये सिक्स फ्लेब शरीर अब किसी भी काम का नहीं तो आपको ज़रा-भी शर्मिंदा और घबराने की जरुरत नहीं आप विद्युत उर्जा निर्माण (electric power generation ) में नव भारत को सहयोग दे सकते हैं इससे पहले सरकार मोटे और आलसी लोगो की धर पकड़ शुरू करे आज ही अपने निकटतम जिम से अधिक जानकारी प्राप्त करे ! अभी अभी: इस बारे में आप आदमी पार्टी का कहना है सबसे पहले ऐसी मशीने संसद भवन में लगनी चाहियें |

Jun 6, 2014

निर्मल बाबा के दरबार पहुंचे चुनावों में हारे नेता

हालिया सोलह मई की चुनावी सफाई ने पार्टियों  और नेताओं को झकझोर दिया है , हार के सदमे और हताशा से  टूटे नेता छुपने और चुपने के लिए मजबूर हैं | इनके लिए एक अच्छी ख़बर बस यह रही की निर्मल दरबार ने मौके को भांपते हुए दो दिन पहले एक विशेष सेक्युलर पार्टी स्पेशल समागम का आयोजन करवाया जिसमे भारी तादात में हार चुके नेता पहुंचे , सूत्रों की माने तो ये विशेष सेक्युलर समागम एकदम खचाखच भरा रहा | आप जानते होंगे की बाबाजी ने आज तक जो कृपा अपने भक्तो पर की है उसको शब्दो में कह पाना असंभव है , बाबाजी की यही कृपा हारे जन प्रतिनिधियों के लिए संजीवनी रही , प्रस्तुत है हताशाओं और कृपाओं से भरी बातचीतों के प्रमुख अंश जो हमे मिले हैं अपने ख़ुफ़िया कैमरे से :

नेता 1:
नेता : परम पुजनीय बाबाजी को मेरा Hello
निर्मल बाबा : बोलो भई कहाँ से आये हो ? और नाम क्या है तुम्हारा ?
नेता: बाबाजी अमेठी से | मेरा नाम राजकुमार शहजादा है
निर्मल बाबा: भई बोलो क्या बात है इतना घबराये हुए क्यों हो, किसी एग्जाम में फेल हुए हो ?
नेता : नहीं बाबा जी मैं पास हूँ, पर मेरे बाकी सरे टीचर और दोस्त हार गए, अब घर पे मम्मी और दीदी बोल रहे है मेरी वजह से ही सब लोग हारे हैं , बाबा जी मेरी क्या ग़लती है , जो भी काम करता हूँ उल्टा पड जाता है , कोई भी रिजल्ट मेरे फेवर में नहीं आता | सब लोग मेरी बातो पर हँसते हैं , जीजाजी भी गलियां दे रहे हैं बहुत परेशान हैं वो भी |    
निर्मल बाबा: भई ये कमल का फूल ध्यान में क्यों आ रहा है ? कहाँ देखा है तुमने आखिरी बार कमल का फूल ?
नेता जी : बाबाजी काफी सालो से नहीं देखा ,एक बार नानी जी के तालाब में देखा था इटली में |
निर्मल बाबा: भई कमल के फूलो की प्रिंट वाली शर्ट पहन कर किसी रेलवे स्टेशन पे चाय बेचो दो साल तक कृपा आनी शुरू हो जायेगी | 

नेता 2 :
नेता : बाबा जी नमस्कार, मैं तमिलनाडु से आया हूँ  मेरा नाम मोनीशंकर है
निर्मल बाबा: क्या बात है बेटा तुम घबराये हुए लग रहे हो, जैसे जमानत जब्त हुई हो तुम्हारी ?
नेता : सही कहा बाबा मैं बहुत परेशान है,सारी जिन्दगी इतने वोट नहीं मिले जितने वोटो से में इस बार हारा हूँ |
निर्मल बाबा: भई ये बताओ की तुमने चाउमीन कब खाई थी ? और भई ये तालकटोरा स्टेडियम क्यूँ आ रहा है ध्यान में  ? कब गए थे वहाँ आखिरी बार ?
नेता जी : बाबाजी काफी पहले १९६२ के आस पास केम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में चीनी दोस्तों के साथ खाई थी चाउमिन बहुत मस्त बनी थी ? और तालकटोरा स्टेडियम तो अभी जनवरी में गया था |
निर्मल बाबा: बस वहीँ रुकी है कृपा , तालकटोरा स्टेडियम जाना और दो चार साल तक तुम भी चाय और चाउमीन बनाओ और बेचो कृपा आनी शुरू हो जाएगी |  

नेता 3 :
नेता : बाबा जी नमस्कार, मैं यु पी के जिला फ़रुखाबाद से आया हूँ  मेरा नाम शैलमन खुर्दिश है
निर्मल बाबा: क्या बात है बेटा तुम भी ऐसे लग रहे हो जैसे अभी हार के आये हो ?
नेता : बाबा मैं बहुत परेशान है, हमारी पूरी फेमिली हार रही है हर साल , जो भी काम करता हूँ उल्टा पड जाता है मैं आपसे दो दिन पहले से ही जुडा हूँ
निर्मल बाबा: भई ये बताओ की ये कीड़े क्यों आ रहे हैं ध्यान में ? कोई गलत काम तो नहीं किया रिसेंटली ?  ये बोलो की क्या कभी ट्राई साइकिल चलाई है ? 
नेता जी : बाबाजी काफी पहले आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में चलाई थी दोपहिया साइकिल और कीड़े तो मुझे बिलकुल पसंद नहीं है , आप ही बोलिए क्या कीड़ो पर भी मानहानि का केस करने की जरुरत है बाबा जी ?
निर्मल बाबा: बस वहीँ रुकी है कृपा , तुम चवालीस कीड़ो को भोजन कराओ और सुबह सुबह ट्राईसाइकिल चलाया करो कृपा अपने आप आने लगेगी | 

इसी तरह कई और आम आदमी नेता भी बाबाजी के पास पहुंचे हैं जिनका विडियो हमे अभी तक हाथ नहीं लगा है पर इसमें कोई शक नहीं की इन लोगो की इन बिमारियों को बाबा अपनी चमत्कारी शक्तियो से दूर कर सकते है  आप एक बार समागम के वीडियो देख लो खुद पता चल जायेगा बाबाजी जी की पावर का |

बोलो निर्मल दरबार की जय !

Image courtesy : Internet , Thanks to all cartoonists 
Disclaimer: 
This Post is a news and political satire publication, which may or may not use real names, often in semi-real or mostly fictitious ways. All news articles contained here are fiction, and presumably fake/unrelated/comic/joke/sad news.Any resemblance to the truth is purely coincidental, except for all references to politicians and/or celebrities, in which case they are based on real people, but still based almost entirely in fiction.

May 10, 2014

Made in Mirzapur - I have a dream ( RahulG )

RahulG was in Allahabad/Mirzapur recently where he shared his dream with youth but soon after his speech, FFSSII (forum for small scale illegal industries) head of Eastern UP warned for a protest in White House ChunarGarh. While addressing a young crowd (who he earlier addressed in Kanpur) RahulG said, I have a dream, “In future when someone asks American President hey what’s the time (ऐ राष्ट्रपति भैया टाइम क्या हुआ है) and President looks at his wrist watch to check time, but even before his eyes hit at the hands of the watch he will be surprised to find that it’s a Made in Mirzapur watch. I want such a world class factory in Mirzapur, I want youth to be like that which drives even American President crazy. However RahulG didn’t mention any time line to build such a factory, because of his own current running bad time. 


RajivGandhi Special Edition 
Original Made in Mirzapur watch
The later portion of his speech is not released for obvious comedy reasons but if sources (audio video clip makers and some AAP supporters) are to be believed RahulG further explains his dream by saying, baffled Barack Obama takes out his ultra-smart iphone8 to google using safari browser to find  Mirzapur in the globe, but even before the browser is loaded he’ll jump off of his chair seeing even his iphone, browser and google everything is “Made in Mirzapur”.(in background – the charged up  Mirzapurians claps and chants – Desh ka neta kaisa ho – RahulG jaisa ho ) While Mr. President still in air (because he jumped off of his chair) he flies up to ceiling’s  height  and astonishes ( for the last time before hittinghis head )that even the ceiling  fan is made in Mirzapur”, the phone falls down and gets broken into parts – scattered everywhere  are battery , screen , sim card , sd card , head phone , processor , RAM and including the safety cover every element is made in Mirzapur.Such is my dream for your future, everyone clapped , mother wiped her tearful eyes in joy, sister hugged and Jijaji patted his dearest bro-in low, the jansabha ended on high morals.

Admiring a Made in Mirzapur
India Marketing head of AIDMK ( All India deski kata makers ) Maunsingh Kattewala, said such dreams are absolute nonsense and should be torn into pieces right there in deep sleep. Its discrimination with other industries, undermining skills we already mastered, an attempt to force innocent youth to some stupid time wasting day dreaming mode. A firm believer in [ हर हाथ शक्ति ] “har haat shakti” younger brother of Maunsingh, Bahubali Makkhan Singh talked to OldNewblog, he laughed and questioned RahulG’s dream , he said answer me first who will ask Obama - Excuse me brother what’s the time ? [की भइया टाईम क्या हुआ है - ki bhaiya time kya hua hai ? ] No one asks any President what’s the time even if its Indian or a local Donkey’s club President. 

Another market leader said we have potential to supply our UP class katta (fire arms) to common Americans people, which is a big market for us, why sell only watches to American president, how many watch will he order. We can record a “Made in Mirzapur” sound clip in each kartoos (shell), so the recipient hears this made in Mirzapur music before closing eyes, this solution is better than embossing just a text.

Few, BeeSP supporters heard RahulG saying in an unusual low voice that he was only talking about a factory which makes only “Made in Mirzapur” tags, products will be imported from outside Mirzapur and factory will print the labels on it. AAP is also said to stage a protest in support of "Made in India" label instead of tagging "Made in Mirzapur" otherwise they support the idea of dream factory. 

~JNN


~Disclaimer: All characters appearing in this work are fictitious. Any resemblance to real persons, living or dead, is purely coincidental. Respect for everyone in Mirzapur , this is just an attempt to bring some politicians idiotness and ignorance in light.

Feb 13, 2014

Mortiin launched high performance pepper spray

After witnessing what happened today inside parliament the temple of democracy, Famous brand Mortiin , launched a new high performance pepper spray to be used by public elected priests of this temple of democracy to tame other MP [Mosquitoes and Pests ]

Jan 19, 2014

देश के गंजेपन का जिम्मेदार कौन ?


अगर कोई नेता गंजो को कंघी बेचने को , बेचने वाले की कला या षड्यंत्र कहता है तो मैं  गंजो की तरफ से यह बात पूछना चाहता हूँ की इतने सारे लोगों को गंजा आखिर किया किसने | आखिर इतनी सारे लोग गंजे हुवे कैसे ? गंजापन अगर शारीरिक दुर्बलता या किन्ही चीजो की कमी की वजह से होता है तो इन कमियों के लिए जिम्मेदार कौन है ?

LATEST INDIA
गंजेपन से तात्पर्य अगर आशाहीनता से है तो मैं कहूँगा की कंघी बेचनेवाला उन गंजो को कंघी के रूप में भविष्य के सपने बेच रहा  होगा , हो सकता है की उसकी कंघी में कोई ऐसा तेल लगा हो जो गिर चुके बालो जैसी उम्मीदों को फिर से उगा देने में सहायक हो  , यह भी हो सकता हो की कंघी के दांतों की मालिश से टकले सिर पर कोई उम्मीद फिर जगे जिससे फिर से बालों को उगाया जा सके और कंघी काम आ जाये |

पर सवाल फिर वही है , जिस गंजे पन  या गंजे लोगो के बौधिक  स्तर की मजाक उड़ाई गयी उसका जिम्मेदार कौन है ? किसकी वजह से देश के बाल उड़ गए ? क्यों यह टकला देश शर्मिंदा है ?  आजादी के इतने सालों के बाद भी क्यों आज भी सड़के नहीं बन पाई हैं , क्यों सिर्फ छे या सात हजार किलोमीटर रेलवे लाइन डाली गयी हैं ? याद रखीय की लगभग चालीस हज़ार किलोमीटर रेलवे ट्रेक आजादी से पहेले डाला जा चुका था  | किसने देश पर राज किया है पिछले लगभग साठ सालो से ज्यादा  ? किसके  करप्शन से देश आज गंजेपन का शिकार है ? क्यूँ हर गाँव सड़क से नहीं जुड़ा है ? क्यों सरकारी स्कूल इस हालत में है की हमे निजी स्कूल में एडमिशन लेने के लिए लाखो रूपए रिश्वत देने पड़े ? और फिर वो बच्चा एक दिन टकला हो कर इस तरह का ब्लॉग लिख और कोई दूसरा बेचारा टकला पढ़ कर अपना टाइम ख़राब करे |

Short Link >>> 

Jan 18, 2014

आपके राजकीय स्टिंग विभाग के गठन का रास्ता साफ


नए मुख्यमंत्री केशरीवाल ने आप की कार्यकारिणी के उस फैसले पर अपनी सहमति कि मुहर लगा दी है जिससे नए " राजकीय स्टिंग विभाग " के  गठन का रास्ता साफ हो गया है ! नए विभाग के मंत्री के नाम के लिए घोषणा शीग्र ही कर दी जायेगी , नामो कि सूची  तो तैयार है बस जनमत संग्रह बाकि है , सूत्रों के माध्यम से खबर है कि विश्व विख्यात गोआ के स्टिंग कलाकार "ठरुण वेजपाल" इस पद के लिए बाकियों से आगे हैं । हालाँकि वो अभी किसी कार्य हेतु स्वयं घोषित अवकाश के लिए गोवा में है जिससे उनसे संपर्क नहीं हो पाया है । पेशे से समाजसेवी वेजपाल को विडियो और ऑडियो कि एडिटिंग में महारत है और उसे देख कर उसकी वैधता सिद्ध करने में कुशल हैं  जिनकी तरूणाई से लाभान्वित कौन नहीं होना चाहेगा !

विभाग कैसे पूरा काम करेगा और लोग इसका लाभ कैसे उठा पाएंगे इसकी चर्चा अगले हफ्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स के जरिये सार्वजानिक कि जायेगी । हालांकि इस ख़ुफ़िया चर्चा का एक स्टिंग विडियो पहले ही बाहर आ चुका है , सूत्रों की माने तो यह  विभाग विजिलियांस  विभाग के भी उपर काम करेगा  । मुख्यमन्त्री जी हर स्तर पर स्टिंग होता देखना चाहते हैं , जिसके बहु आयामी फायदे वे गिनाते नहीं थक रहे हैं ! इसकी पराकाष्ठा की कल्पना करते हुए वे कहते हैं की कितना अभूतपूर्व होगा जब हर कोई आम व्यक्ति स्टिंग कर रहा होगा , हमारे पास करोड़ों अरबो खरबों टेरा बायट्स डाटा होगा , जिसे क्लाउड कम्प्यूटिंग के जरिए अपलोड किया जायेगा , जिसे विभाग के लोग जांचेंगे परखेगे , जिससे रोज़गार बढेगा , ख़ुफ़िया कैमरों की बिक्री बढ़ेगी , विडियो ऑडियो एडिटिंग के हुनरमंद , सॉफ्टवेयर के लोगो को नए अवसर मिलेंगे  !

यह भी हो सकता है की हमे स्कूल , कालेजो से ही इसका प्रक्षिक्षण देना शरू करना पड़े ! हो सकता है की इंजीनियरिंग , वाणिज्य , कला , विज्ञानं और राजनीती के  छात्रों को पहले साल पढाया जाने वाला यह एक अनिवार्य विषय बन जाये , इसके लाभों को गिनाते अविश्वास आगे बोलते हैं की पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों से आगे बढ़ कर क्यों न इसे जन जन से जोड़ा जाये , परिवार के लोग एक  दुसरे के स्टिंग करे और इस कला में पारंगत बने यह तो कविता चुराने जितना कठिन कार्य नहीं लगता ! यह तो  आत्म रक्षा का साधन है जिससे किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए |

इसके विपरीत चुनाव विश्लेषक टर्नड पोलिटीशियन भोगेन्द्र रादव इसके दुश्परिणाम पर भी  नज़र डालते हैं , क्या हो अगर दोनों पार्टियाँ एक दुसरे का स्टिंग कर रही हों , क्या हो अगर पहली पार्टी ने कैमरा  डिटेक्टर यंत्र लगाया हो और वो दूसरी स्टिंग इच्छुक पार्टी को स्टिंग शुरू होने से पहले ही बेनकाब कर दे और पुलिस के हवाले कर दे की पार्टी उसको फसाने के लिए आई थी !

बहराल हमे अगले हफ्ते का इन्तजार है और आपके जवाबो का !          

image courtesy:  jantoo.com 


disclaimer : above is written only for entertainment purpose , no intentions to hurt people or their sentiments, any resemblance  with names and places is just coincidence.

दिवाली: घर की सफ़ाई की परंपरा कैसे महिलाओं की मुसीबत बढ़ाती रही है

 बीबीसी की रिपोर्ट के बाद पहला उधारण आया ब्रिटेन से ..